अजीब क्लायंटस!
कभी कभी वकिलोंको भी अजीब क्लायंटस मिलते है. सूचना एक देते है और अपेक्षा दूसरी करते है. कभी कहते है की, मैने ऐसा तो नही कहां था और कभी कहते है की, मेरा हेतू यह नही था. ऐसे क्लायंटस को मेरा एक ही जवाब रहता है की, भाई या बहन मै वकील हूं. आपके मन मे क्या चल रहा था उस दिन, या अब क्या चल रहा है, यह समझने के लिये मै भगवान नही हूं. डॉक्टर को भी पेशंट की नाडी देखकर उसकी बॉडी समज मे आती है, उसका मन नही. -बी.एस.मोरे, वकील
कभी कभी वकिलोंको भी अजीब क्लायंटस मिलते है. सूचना एक देते है और अपेक्षा दूसरी करते है. कभी कहते है की, मैने ऐसा तो नही कहां था और कभी कहते है की, मेरा हेतू यह नही था. ऐसे क्लायंटस को मेरा एक ही जवाब रहता है की, भाई या बहन मै वकील हूं. आपके मन मे क्या चल रहा था उस दिन, या अब क्या चल रहा है, यह समझने के लिये मै भगवान नही हूं. डॉक्टर को भी पेशंट की नाडी देखकर उसकी बॉडी समज मे आती है, उसका मन नही. -बी.एस.मोरे, वकील
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